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Rakshabandhan : रक्षा सूत्र ही क्यों बांधना चाहिए

मॉडर्न लाइफ ने राखी ही नहीं बल्कि हर चीज का स्वरूप बदलकर रख दिया है। पहले लोग जिस रक्षा सूत्र का प्रयोग करते थे उसका अपना एक अलग ही प्रभाव था। आजकल तो लोग डिजिटल राखी भी भेजने लगे हैं। धीरे-धीरे हम उत्थान से पतन की ओर जा रहे हैं। 

raksha bandhan 2019

भारतीय संस्कृति में रक्षाबंधन एक बहुत बड़ा पर्व है। इतिहास इसका साक्षी है कि इसके द्वारा अनगिनत पुण्य आत्मा लोग लाभान्वित हुए हैं। फिर चाहे वह वीर योद्धा या देवराज इंद्र हो। इस पर्व ने अपना एक क्रांतिकारी इतिहास रचा है।

रक्षा सूत्र एक धागा नहीं बल्कि शुभ संकल्पों का एक बड़ा पुलिंदा है। यही सूत्र जब वैदिक रीति से बहनें अपने भाइयों की कलाई पर भगवन्नाम और भगवत भाव सहित शुभ संकल्प करके बांधती है तो इसका सामर्थ्य असीम हो जाता है।

कैसे बनाएं वैदिक राखी 

वैदिक राखी बनाने के लिए एक छोटा सा ऊनी, सूती या रेशमी पीले कपड़े का टुकड़ा लें। उसमे दूर्वा, अक्षत यानि साबूत चावल, केसर या हल्दी, शुद्ध चंदन, सरसों के साबूत दाने –  इन 5 चीजों को मिलाकर कपड़े में बांधकर सिलाई कर लें। फिर  कलावे से जोड़कर राखी का आकार बना दें। सामर्थ्य हो तो उपरोक्त पांचों के साथ स्वर्ण भी डाल सकते हैं।

दूर्वा : दूर्वा जमीन में फैलने वाला एक घास है जो हजारों की संख्या में फैल जाता है।  वैसे हमारे भाई या हितैषी के जीवन में सद्गुण फैलता जाय। इस भावना का  धोतक है दूर्वा। दूर्वा गणेश जी का प्रिय है अर्थात जिनको हम राखी बांध रहे हैं। उनके जीवन में आने वाली सभी विघ्नों का नाश हो।

अक्षत :  अक्षत यानि साबुत चावल हमारी भक्ति और श्रद्धा भगवान के चरणों में अक्षत, अखंड और अटूट हो। कभी क्षत-विक्षत ना हो यही अक्षत का संकेत है। अक्षत पूर्णता की भावना का प्रतीक है अर्थात जो कुछ समर्पित किया पूरी भावना के साथ किया जाए।

केसर या हल्दी : केसर की प्रकृति तेज होती है अर्थात हम जिनको भी रक्षा सूत्र बांध  रहे हैं उनका जीवन भी तेजस्वी हो। उनका भक्ति और ज्ञान का तेज बढ़ता जाय ।  केसर की जगह पीसी हल्दी का भी प्रयोग कर सकते हैं। हल्दी पवित्र और शुभ माना जाता है।  नजर दोष और नकारात्मक ऊर्जा का भी नाश करता है।

चंदन :  चंदन दूसरों को शीतलता और सुगंध देता है। यह इस भावना का धोतक   है कि जिनको हम राखी बांध रहे हैं उनके जीवन में सदैव शीतलता बनी रहे। वह कभी तनावग्रस्त ना हो। उनके द्वारा दूसरों को पवित्रता, सज्जनता आदि की सुगंध मिलती रहे और उनकी सेवा व सुवास दूर-दूर तक फैलता रहे।

raksha bandhan 2019
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सरसों : सरसों तीक्ष्ण होता है। इसी प्रकार हम अपने दुर्गुणों को दूर करने के लिए और समाज द्रोहियों को सबक सिखाने के लिए तीक्ष्ण बनें।   raksha bandhan date 2019

यह वैदिक और सनातन रक्षा सूत्र वैदिक संकल्पों से पूर्ण होता है। यह रक्षा सूत्र बांधते समय यह श्लोक बोला जाता है :

येन बद्धो बली राजा दानवेंद्रो महाबल: ।

तेन त्वां अभिबन्धनमि१ रक्षे मा चल मा चल।।

 इस मंत्र का उच्चारण करते हुए राखी को बहन के द्वारा अपने भाई के हाथ पर बांधना चाहिए।

Raksha bandhan: Why should the defense formula be built

Modern Life has changed the nature of everything, not just Rakhi. The defense formula used by the people first used its own effect. Nowadays people have started sending digital rakhi too. Gradually we are moving from rise to fall.

Rakshabandhan is a big festival in Indian culture. History is witness to it that innumerable virtuous souls have benefited from it. Whether it is a brave warrior or Devraj Indra This festival has created a revolutionary history.

The defense formula is not a thread but a big trunk of auspicious resolution. This formula, when the Vedic rituals bind the brothers with the auspicious resolution, including the God and Bhagavatam, on the wrists of their brothers, its power becomes infinite.

How to make Vedic Rakhi

Take a small piece of woolen, cotton or silk yellow cloth to make Vedic Rakhi. Durga, Akshat ya, rice rice, saffron or turmeric, pure sandalwood, mustard seed granule – make these 5 things together by sewing them in cloth. Then connect the artwork to the shape of a rakhi. If you have the power then you can put gold along with the above five.

Durwa: Durwa is a grass spread in the land which spreads in thousands. Well, goodness spreads in the life of our brother or partner. This sentiment is indicative of Durva. Dorva is the lover of Ganesha, which means we are tying Rakhi. All the hurdles in their lives are destroyed.

Akshat: Akshat means that whole rice is devoid of our devotion and reverence, unbroken and unbroken at the feet of God. It is a sign of Akshat that it is not always bad. Akshat is a symbol of perfection, which means whatever is devoted to the whole spirit.

Saffron or turmeric: The nature of saffron is sharp, meaning that the people whom we are building defense formulas are also very bright. Their devotion and knowledge grows fast. Can also use PC turmeric instead of saffron. Turmeric is considered sacred and auspicious. The eye also destroys defects and negative energy. raksha bandhan 2019

Sandalwood: Sandalwood gives coolness and aroma to others. It is a sign of the spirit that those who are sticking to Rakhi always remain cold in their life. He never gets stressed He used to get the aroma of purity, gentleness and others to others and their service and fragrance spread far and wide.

Mustard: Mustard is sharp. In the same way, we become impatient to overcome our misdeeds and teach society the lesson to the oppressors.

This Vedic and Sanatan defense formula is complete with Vedic resolutions. When constructing this defense formula, this shloka is said to be:

येन बद्धो बली राजा दानवेंद्रो महाबल: ।

तेन त्वां अभिबन्धनमि१ रक्षे मा चल मा चल।।

 While pronouncing this mantra, Rakhi must be tied on his brother’s hand by sister.